Monday, October 1, 2007

आ जाओ वापस

"ए नीता"
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भूल नही शकते तुम्हें

याद करके परेशां है

जी नही शकते तुम्हारे बिना

मौत के बग़ैर परेशां है

हुवे नही तुम अपने तो

क्या हुवा ?

दूर हो गए तुम्हारी जिन्दगी से

एक दिन तुम ही कहोगे कि

आ जाओ वापस

"ए नीता"

तुम्हारे बिना हम परेशां है ।

नीता कोटेचा