Friday, October 5, 2007

खुदा
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इस जहा के लोगो से महोब्बत रही नही अब,

दुनिया ने इतना सताया, कि शिक़ायत रही नही अब.

तुम्हें ही हमने अपना बनाया है

दिल से ए दोस्त मेरे...

नीता कोटेचा

दूर मत होना अब तुम कभी भी मुजसे


नही तो कहेना पड़ेगा खुदा से
की


उठा ले ए खुदा जिन्दगी जीने लायक

ही रही नही अब