Tuesday, October 30, 2007

याद
हम चाहेंगे ही नही
तुम्हें दिल से निकालना।
क्योकि याद करके तुम्हें
भुला नही शके।
और
भूलने कि कोशिश ने ही
तुम्हारी याद

बहोत दिला दी


नीता कोटेचा