Tuesday, December 25, 2007

हमसे नफरत होने लगी है।
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जीने कि हसरत मरने लगी है
अपनो से दुरी बढ़ने लगी है
चलो शायद वो सहे सके
मेरी जुदाई को ,इसीलिए
सबको ही हमसे नफरत होने लगी है।

नीता कोटेचा