Monday, January 12, 2009

एक दोस्त ने msg भेजा..

जिंदगी की किताब के कुछ पन्ने होते हैं..

कुछ अपने कुछ बेगाने होते हैं.
प्यार से सवर जाती है जिंदगी..

बस प्यार से रिश्ते निभाने होते है..

...
मैंने जवाब दिया.

ज़िन्दगी अगर खुली किताब हो तो मजा आता है..
सब सिर्फ अपने, ना कोई पराया हो..तो मजा आता है...
प्यार से नहीं दिल से निभानी होती है जिन्दगी
और
प्यार से नहीं, भरोसे से ही नभ जाते है रिश्ते
नीता





5 comments:

रश्मि प्रभा said...

भरोसा बहुत ज़रूरी है,
बहुत ही अच्छी लगी ............

talash said...

रिश्ते को बनाए रखने के लिए इस बात को
बहुत अच्छ...
समझना जरुरी है कि किस रिश्ते को हम किस नजरिए से देखते है.यहाँ यह ध्यान रखना आवश्यक है कि हर रिश्ते की प्राथमिकता व महत्व अलग अलग होते है. अतः प्रत्येक रिश्ते का महत्व समझकर उसे उसी श्रेणी मे रखा जाना आवश्यक है....चंद क़दमों पर नज़र आएँगे,फिर से हम ज़रूरबस भरोसे से हटाना है, तुम्हें ........
Pragnaju

shilpa prajapati said...

सब सिर्फ अपने, ना कोई पराया हो..तो मजा आता है...
nice one....

Anonymous said...

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Jibon Das said...



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