Tuesday, May 27, 2008

जिदगी का पता नही
........................
कोई अपना बनता है दिलो जा से ज्यादा कभी ,
कोई अपना, बेगाना बनता है दुश्मनों से भी ज्यादा कभी,
क्या करे ये जिदगी का पता नही चलता
कोई अपना आसु देता है
और
बेगाने प्यार करते है अपनो से भी ज्यादा कभी .
नीता कोटेचा

2 comments:

Anonymous said...

वाह्
किसीने कहा है
जिनकी याद में हम दीवाने हो गये,
वो हम ही से बेगाने हो गये.
शायद उन्हे तलाश है अब नये प्यार की,
क्यूंकी उनकी नज़र में हम पुराने हो गये?
प्रज्ञाजु व्यास्

Jibon Das said...



Hindi sexy Kahaniya - हिन्दी सेक्सी कहानीयां

Chudai Kahaniya - चुदाई कहानियां

Hindi hot kahaniya - हिन्दी गरम कहानियां

Mast Kahaniya - मस्त कहानियाँ

Hindi Sex story - हिन्दी सेक्स कहानीयां