ये मेरी ख़ुद की लिखी हुई शायरी है ..मेरे दिल की बात
समंदर से कह दो कि अपनी लहरों को संभाल के रखे..फिर शिकायत ना करे ,क्योकि हम अपने आप में बहुत तुफ्फां छिपा रखे है
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