Monday, October 8, 2007

दीवानगी

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उसने मेरी महोब्बत का,

इस तरह तमाशा किया.

कि हम मरते है उनके प्यार मे,

और वो हसते रहे मेरी दीवानगी पर.

नीता कोटेचा

2 comments:

Unknown said...

ક્યા બાત હૈ આપકી દિવાનગી કી

કુણાલ શૈલેષ said...

sundar shabdo